Saturday, July 23, 2016

ओवैसी और जाकिर की चुनौती !



पत्रांक-937-942                                                                     दिनांक-19/o07/2016

सेवा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री,
भारत सरकार,
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- ओवैसी और जाकिर की चुनौती ! 
संदर्भ :- दैनिक जागरण, गुरुग्राम, दिनांक-19 जुलाई, 2016
महोदय,
      आपकी सेवा में दैनिक जागरण में छपे लेख की छाया प्रति भेजी जा रही है ! हमारी जानकारी के अनुसार जाकिर नाईक मराठी भाषी हिन्दू नाईक परिवार की उपज है और पिछले लगभग कई दशकों से वह निरंतर कट्टर इस्लाम का प्रचार करता रहा है ! यदि पीस टीवी को छोड़ भी दें तो वह अनेक चैनलों पर प्रकट होता रहा है ! वह प्रभावशाली और जोरदार वक्ता है ! उसके मुकाबले का कोई वक्ता जो हिन्दू धर्म की इतनी जोरदार वकालत कर सके शायद ही कोई होगा ! वैसे भी हिन्दू धर्म एक धर्म है, मजहब नहीं और मजहब ही सिखाता है आपस में बैर करना ! इसलिए संलग्न लेख में ओवैसी और जाकिर का गठबंधन हो गया बताया गया है और हिन्दुस्थान में जाकिर के समर्थकों की और उनकी पैरवी करने वालों की संख्या बढने का उल्लेख किया गया है, क्योंकि –
1.       सरकार उसके खिलाफ कोई कारगर कार्रवाई करने में समर्थ नहीं है !
2.       वैसे भी वर्तमान भारत सरकार की आंतरिक सुरक्षा के मामले में कोई साख/इक्बाल नहीं है !
3.       जेहादी आतंकवादी देश में पिछली कांग्रेसी सरकारों के शासन की तरह मजे में हैं और हिन्दुस्थान में मस्ती मार रहे हैं ! यदि जेलों में भी होते हैं तो ठाठ से खाते-पीते हैं और हवाई जहाजों में सरकारी पैसे से घूमते हैं और सैंकड़ों सैनिकों की सुरक्षा में उसी तरह से रहते हैं जैसे किसी देश का राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री हो !
यह आश्चर्य की बात है कि हिन्दुस्थान की सरकार इतनी मजबूत है कि कट्टर जेहादी और मुल्ला-मौलवियों और अलगाववादियों के कारनामों और वचनों का विरोध करने वाले डॉ. प्रवीण भाई तोगडिया, साध्वी प्राची, साक्षी महाराज और योगी जी का बचाव करने से 
कन्नी काटती है !
      निवेदन है कि कृपया कुछ दृढ़ता बरतें और आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के चिंतामणि
      में लिखे वाक्य को सदा सामने रखें !
      वह आदमी भी क्या जिसे लोग हथेली पर रसगुल्ले की तरह रखकर निगल जाएं !
      यह बात सरकार के संबंध में भी उतनी ही लागू होती है ! सादर, 


                                                              भवदीय,

                                                   (डॉ. महेश चन्द्र गुप्त)
                                                     मुख्य परामर्शदाता
 
       प्रतिलिपि :-
1.       माननीय श्री मोहन राव जी भागवत, पूज्य सर संघचालक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ,
हेडगेवार भवन, महाल, नागपुर
2.       डॉक्टर प्रवीण भाई तोगड़िया जी, कार्याध्यक्ष, विश्व हिन्दू परिषद्, संकटमोचन आश्रम,
सेक्टर-6, रामकृष्णपुरम्, नई दिल्ली-110022
3.       श्री प्रफुल्ल गोरडिया जी, महासचिव, भारतीय जनसंघ, 145, सुंदर नगर, नई दिल्ली
4.       लेफ्टिनेंट जनरल निरंजन सिंह मलिक जी, 1382, अरुण विहार, सेक्टर-37,
नोएडा-201303   
5.       श्री राजीव सचान जी, सहायक संपादक, दैनिक जागरण, एससीओ-40,  सेकेण्ड फ्लोर,
ओल्ड ज्युडिशियल काम्प्लेक्स, सिविल लाइन्स, गुडगाँव

   

             
        

नाम पाक काम नापाक !



पत्रांक-932-936                                                                     दिनांक-19/o07/2016

सेवा में,
श्री राजनाथ सिंह जी,
माननीय गृह मंत्री,
भारत सरकार,
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली-110001

विषय :- नाम पाक काम नापाक ! 
संदर्भ :- दैनिक जागरण, गुरुग्राम, दिनांक-19 जुलाई, 2016
महोदय,
      उक्त समाचार से यह जानकारी मिली है कि कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और अलगाववाद के विरुद्ध पूरी संसद एकजुट दिखाई पड़ी ! हो सकता है कि यह भारत सरकार और आपके प्रयत्नों के फलस्वरूप हो सका हो ! आपने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में फटकार लगाई और यह भी कहा कि नाम तो पाक है पर काम नापाक है ! स्पष्ट है कि भारत सरकार वाक्.शूर है, किंतु कार्यशूर नहीं है ! यदि पाकिस्तान नापाक है तो भारत सरकार नाकाम है !
   पिछले दो वर्षों में कश्मीर मोर्चे पर –
1.       अनेक पाकिस्तानी और आतंकी आक्रमणों से अनेक हिंदुस्थानी मारे गए और अनेक घायल हुए !
2.       पाकिस्तानियों और कश्मीरी अलगाववादियों और पत्थरबाजों के आक्रमणों से अनेक हिंदुस्थानी जवान, अफसर मारे गए हैं और अनेक घायल हुए हैं !
3.       वर्तमान केन्द्रीय सरकार की कोई दीर्घकालीन कश्मीर नीति नहीं है और न ही कोई सोच है ! हिंदुस्थानी जवान मरने दो और पत्थरबाजों को छोड़ते रहो, यह अल्पकालीन नीति है !
अब तो भारत सरकार ने कमाल का निर्णय लिया है, जिसके अनुसार कश्मीरी अलगाववादियों और पत्थरबाजों को तितर-बितर करने के लिए छर्रे वाली गोलियों के बजाय पानी का फव्वारा और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जाएगा यानि देशविरोधी अलगाववादियों को संदेश दे दिया गया है कि वे जवानों को मारते रहें और चूँकि जवान तो मरने के लिए बने हैं, इसलिए उन्हें भूखे भेडियों के सामने निःशस्त्र डाला

सकता है !
      वाह रे भारत सरकार, यह दो वर्षों की सफलता और उपलब्धि है !
      कश्मीर और पाकिस्तान के संबंध में तो कोई निश्चित नीति नहीं है, साथ-साथ
      चीन के प्रति भी कोई सुनिश्चित नीति नहीं है ! कृपया बधाई स्वीकारें ! सादर,


                                                              भवदीय,

                                                   (डॉ. महेश चन्द्र गुप्त)
                                                     मुख्य परामर्शदाता
 
       प्रतिलिपि :-
1.       माननीय श्री मोहन राव जी भागवत, पूज्य सर संघचालक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ,
हेडगेवार भवन, महाल, नागपुर
2.       डॉक्टर प्रवीण भाई तोगड़िया जी, कार्याध्यक्ष, विश्व हिन्दू परिषद्, संकटमोचन आश्रम,
सेक्टर-6, रामकृष्णपुरम्, नई दिल्ली-110022
3.       श्री प्रफुल्ल गोरडिया जी, महासचिव, भारतीय जनसंघ, 145, सुंदर नगर, नई दिल्ली
4.       श्री दिनेश चन्द्र त्यागी जी, महामंत्री, सांस्कृतिक गौरव संस्थान, संकटमोचन आश्रम,
सेक्टर-6, रामकृष्णपुरम्, नई दिल्ली-110022

Thursday, July 14, 2016

जाकिर नायक पर कार्यवाही से क्या लाभ ?

      इस्लाम के प्रसिद्ध विद्वान जाकिर नायक पर कार्यवाही करने से क्या लाभ है ? जाकिर जो भी बात कहता है वह कुरान व हदीस के आधार पर कहता है । इस्लाम के सभी आतंकवादी  अपने जिहाद के पीछे कुरान की आयतों और हदीसो को ही बताते हैं  ।  इस्लामी विद्वानों द्वारा कुरान की आयतों व हदीसों के दो अर्थ किए जा रहे हैं एक तो जिहादी अर्थ है जिसका अर्थ जब तक सारी दुनिया से काफिरों को खत्म न कर दिया जाए जिहाद चलना चाहिए व दूसरा अर्थ है कि यह उस समय की आयते हैं जब युद्ध चल रहा हो । सरकार के लिए चुनौती है कि वह आयतों के जिहादी अर्थ को किस प्रकार रोकेगी । जिहादी अर्थ को रोक पाना वर्तमान केन्द्र सरकार के बस की बात तो दिखाई नहीं देती है क्याेंकि पिछले दो वर्ष से केन्द्र में भाजपा की सरकार है । यह हाल तो जब है जबकि जाकिर नायक का पीस टीवी पूरे देश में कई वर्षों से दिखाया जाता है । यह बात विचारणीय है कि किसी सरकारी अधि‍कारी या नेता को यह पता नहीं चला जाकिर नायक के भाषण में कुछ गलत है । या जिन्हें पता चला जैसे भाजपा के नेता बलबीर पुंज या पूर्व नौकरशाह सतपाल मलिक उनकी किसी ने सुनी नहीं ।

       यहां विषय यह है कि केवल जाकिर नायक पर कार्यवाही करने से बात नहीं बनेगी बल्कि कुरान की उन आयतों पर पूर्ण रूप से रोक लगनी चाहिए जिनका जिहादी अर्थ हो पाना संभव है आैर इसके लिए भारतीय मुसलमानों को स्वयं आगे आना चाहिए । और यदि भारतीय मुसलमान इस ओर सोचने के लिए भी तैयार नहीं हैं तो यह कार्य कठाेरता पूर्वक सरकार को करना चाहिए । यहां यह भी विचारणीय है कि जाकिर नायक को सउदी अरब के सर्वश्रेष्ठ पुरुस्कार से नवाजा गया है और सउदी अरब अपनी विचारधारा को फैलाने के लिए भारत में मदरसे खोल रहा है । सरकार को उन मदरसों (जो सउदी इस्लामी विचारधारा को देश में फैला रहे हैं )पर भी रोक लगानी चाहिए ।  सरकार को यह भी समझना चाहिए कि भारत के लिए यह समस्या केवल आज की न होकर दशकों पुरानी है  । सरकार को इस बात का पता चलाने के लिए भी एक आयाेग का गठन करना चाहिए कि भारत का बंटवारा क्याें हुआ था ? क्या इसके पीछे भी जिहाद ही जिम्मेंदार था ? कश्मारी में जिहाद क्यों किया जा रहा है ? पाकिस्तान भारत से दुश्मनी क्यों रखता है ?
     क्या इन सभी का कारण जिहाद ही है यदि हां तो  आयतों के जिहादी अर्थ पर  तुरंत रोक लगाने का कार्य केन्द्र की भाजपा सरकार को करना चाहिए ।



Friday, June 17, 2016

भाजपा पत्रकारों की तरह नहीं सत्तारूढ़ दल की तरह काम करे

     भाजपा के विभि‍न्न वरिष्ठ नेताओं जैसे बाबू हुकुम सिंह राजेन्द्र अग्रवाल  द्वारा हिदुओं के पलायन की सूची जारी की रही है अथवा समाचार दिए जा रहे हैं । यहां पर विषय यह है कि क्या यह पलायन केवल उत्तर प्रदेश में ही हो रहा है । वास्तविक स्थ‍िति यह है कि पलायन हर उस स्थान पर हो रहा है जहां मुसलमानों की आबादी बढ़ती जा रही है। चाहे वह कोई भी प्रदेश हो । भाजपा को यह समझना चाहिए कि आज वह केन्द्र में सत्ता में है और भारत के कई राज्यों में भी भाजपा की सरकारे चल रही है । 
        समस्या मुसलमानों की इस सोच में है कि शरीयत का शासन सर्वश्रेष्ठ है और वे परिवार नियोजन नहीं  अपनाएगें । दारूल उलूम देवबंद ने इस पर फतवा भी दिया है कि परिवार नियोजन इस्लाम में अवैध है ।  http://www.darulifta-deoband.com/home/en/Halal--Haram/6866  जनतंत्र में जनसंख्या के आधार पर ही सत्ता आती है । परिवार नियोजन न अपनाने पर मुसलमानों की संख्या धीरेधीरे बढ़ती ही चली जाएगी । यह एक कड़वा सत्य है कि अधि‍कतर मुस्लि‍म बहुत देशों में जहां शरीयत का शासन नहीं है मुसलमान शरीयत का शासन लागू करने की मांग कर रहे हैं ।   इस्लाम की नजर में हिन्दू एक दोयम श्रेणी का नागरिक है जिसे उसके शासन में मंदिर भी बनाने नहीं दिया जाएगा ( जैसे सउदी अरब में मंदिर नहीं बनाया जा सकता )
 
 

         भाजपा को चाहिए कि मीडिया का काम न करे बल्कि यह समझे कि वे आज सत्ता में हैं । भाजपा की केन्द्रीय सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून तुरंत लागू करना चाहिए और यह बहाना भी नहीं बनाना चाहिए कि उसका राज्य सभा में बहुमत नहीं है यदि अावश्यता पड़ती है तो संसद का संयुक्त सत्र बुलाकर यह कानून तुरतं लागू कर देना चाहिए ( जैसा वाजपेयी सरकार में POTA कानून लागू किया गया था)।
   

Monday, January 18, 2016

क्या भाजपा की मजबूरी है कोई काम न करना




    श्री अमित शाह जी
    राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
    11- अशोक रोड, नई दिल्ली-1110001
विषय:- अनुच्छेद 370 समेत मुख्य मुद्दों के लिए नहीं है बहुमत, मंदिर के लिए चाहिए 370 सीटें |
सन्दर्भ:-दैनिक जागरण नई दिल्ली, दिनांक 27 मई 2015(छाया प्रति संलग्न)
महोदय् ,

  उपर्युक्त विषय पर दैनिक जागरण में छपे समाचार के अनुसार आपने निम्नलिखित वक्तव्य दिया है:-
“अनुच्छेद 370 हटाने, राममंदिर निर्माण और समान  नागरिक संहिता लागू करने जैसे पार्टी के कोर मुद्दे को सांसदों की कमी का हवाले देते हुए टाल दिया | भाजपा इन कोर मुद्दों से पीछे नहीं हटी है, लेकिन इन्हें पूरा करने के लायक फिलहाल पार्टी के पास बहुमत नहीं है | इसके लिए भाजपा को लोकसभा में अकेले कम-से-कम 370 सीटें चाहिए |”
इस विषय में भाजपा और संघ परिवार की अनेक संस्थाओं के कार्यकर्ता गण यह बोल रहे हैं कि-
(1). क्या 370 सीटें मिलेगी तभी आप कश्मीर से धारा 370 हटाने और राममंदिर का निर्माण कराने और सामान नागरिक संहिता लागू करने का काम करेंगे | क्या ऐसा चुनाव से पहले कहा था यदि नहीं तो क्यों ?
(2). जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के संबंध में संसद में  बहुमत न होने का आप का उल्लेख इसलिए अनुचित है कि उक्त अनुच्छेद में यह प्रावधान है कि राष्ट्रपति लोकअधिसूचना द्वारा घोषणा कर सकेगा कि यह अनुच्छेद प्रवर्तन में नहीं रहेगा किन्तु ऐसी अधिसूचना किए जाने से पहले उस राज्य की संविधान सभा की सिफारिश आवश्यक होगी |
स्पष्ट है कि राष्ट्रपति जी लोक अधिसूचना किसी भी समय जारी कर सकते हैं, क्योंकि जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा अब जन्नत नशीन हैं | इस संबंध में अच्छा यह होगा कि आप अपने को अनजान सिद्ध न करें और जनता तथा कार्यकर्ताओं को मूर्ख न समझें | इस विषय में आपकी कोई भी दुर्बलता हो सकती है जिसके कारण आप राष्ट्रपति जी से लोक अधिसूचना जारी कराने में विफल हो रहे हैं / हुए हैं |

                जहाँ तक समान नागरिक संहिता और राममन्दिर निर्माण का विषय है इसमें राममन्दिर निर्माण तो साधारण बहुमत से लोकसभा में बिल पेश करके और उसे पारित कराकर राज्य सभा में प्रस्तुत कर के वहाँ पारित कराकर किया जा सकता है  और वहाँ पास न हो तो अनेक दल बेनकाब हो जाएँगे | यदि आप उसे पास ही कराना चाहेंगे तो दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में करा सकते हैं | समान नागरिक संहिता लागू करने के संबंध में उच्चतम-न्यायालय ने कई  निर्णय दे रखें हैं | आशा है कि आपने उन्हें देखा होगा यदि नहीं तो देख लेने का कष्ट करें | वैसे भी यह आवश्यक नहीं है कि आप जानते ही हों और याद रखते हों | इसलिए समान नागरिक संहिता भी भाजपा और केन्द्रीय सरकार की इच्छा शक्ति पर निर्भर करती है |
   इतना अवश्य ध्यान रखना होगा कि यदि अगले चार वर्षो में इन तीनों मामलों सहित गोवध बंद करने के बारे में कुछ नहीं किया तो चार वर्ष बाद आपकी सरकार का वही हाल हो सकता है जो अटलविहारी बाजपेयी सरकार का, उसकी निष्क्रियता के कारण हुआ क्योंकि उस सरकार ने भी बहु संख्यक हिन्दू समाज को धोखा दिया और लगातार झूठ का आश्रय लिया | इतना अवश्य है कि चार विषयों में से दो पर भी आप कुछ कर सकें तो यह विश्वास हो सकता है कि चार साल के पश्चात् भाजपा पुनः केंद्र में सत्ता प्राप्त करें |

सुभकामनाओं सहित
आपका


डॉ०महेश चन्द्र गुप्त
सांस्क़तिक गौरव संस्थान

Monday, December 14, 2015

भारतीय मुसलमानों से मेरा प्रश्न -
        जावेद अहमद घमीदी जो पाकिस्तान के एक विद्वान हैं ने बताया है कि आतंकवाद जो मुसलमानों द्वारा फैलाया जा रहा है उसका कारण ये मदरसों में पढ़ाया जा रही चार बाते हैं । पहली दुनिया में अगर कहीं शि‍र्क हो या कुफ्र हो या इख्ति‍हाद हो (apostacy) यादि कोई शख्स इस्लाम छोड दे तो उस सजा मौत होगी और ये सजा हमें नाफिज करने का हक है । दूसरी बात ये सिखाई जाती है कि दुनिया में गैर मुस्ल‍िम सिर्फ महकूम करने लिए पैदा किए गए हैं मुसलमानों के सिवा किसी को दुनिया पर हकूमत करने का हम नहीं है । गैर मुसलमानों की हर हकूमत एक नाजायज हकूमत है जब हमारे पास ताकत होगी हम उसे समाप्त कर देंगे । तीसरी चीज  है कि मुसलमानों की एक ही हकूमत होनी चाहिए जिसे खि‍लाफत कहते है। चौथी चीज कौमी रियासत एक कुफ्र है इसकी कोई जगह इस्लाम नहीं है । ये मुसलमानों के मदरसों में पढायी जाने वाली चार चीजें जो हर मदरसे में पढ़ायी जाती हैं । जब तक ये चीजे हमारे मदरसों में पढ़ायी जाती रहेगीं आतंकवादी पैदा होते रहेंगें । और ये लोग दुनिया को जहन्नम बना देंगे । 
     मेरा भारत के मुसलमानों से प्रश्न है कि क्या भारत के मदरसों में भी यही शि‍क्षा दी जाती है यदि हां तो वे तो इसे तुरंत बंद करे अन्यथा दंगों से बचा नहीं जा सकता । मेरी भारत सरकार से भी मांग है कि वे जांच कमिशन का गठन करे जो यह जांच कर बताए कि भारत के मदरसों में छोटे बच्चों को क्या पढ़ाया जा रहा है  ?